रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने संकेत दिए हैं कि मार्च के दूसरे सप्ताह में आयोजित होने वाली “मनरेगा बचाओ संग्राम” रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। इससे पहले फरवरी 2023 में हुए कांग्रेस महाधिवेशन में दोनों नेताओं ने प्रदेश में एक साथ मंच साझा किया था।
दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत के दौरान विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पिछले दो साल में भाजपा सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया है। चार बार बिजली की दर बढ़ाई गई। अब विद्युत नियामक आयोग में जनसुनवाई चल रही है, इसका मतलब साफ है कि सरकार बिजली बिल बढ़ाना चाहती है। साथ ही केंद्र ने सेस भी कम कर दिया।
वहीं राज्यसभा सीट को लेकर पूछे गए सवाल पर बैज ने कहा कि किसे भेजना है, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। बस्तर से लेकर सरगुजा तक कांग्रेस मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ रही है। यदि उनसे राय मांगी जाएगी तो वे जरूर सुझाव देंगे। सुप्रीम कोर्ट की फ्रीबीज संबंधी टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि अदालत की टिप्पणी का स्वागत है और जिन राज्यों में चुनाव के दौरान आर्थिक सहायता बांटी गई, उसकी भी जांच होनी चाहिए।
आगामी 24 फरवरी को पेश होने वाले राज्य बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए बैज ने कहा कि बजट सत्र में कांग्रेस विधायक दल सरकार को विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह घेरने की रणनीति पर काम करेगा। वहीं SIR की फाइनल सूची को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई गड़बड़ियां सामने आई हैं और नियमों की अनदेखी की गई है।
इसके अलावा, बैज ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ समेत ओडिशा और झारखंड के 100 से अधिक जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जा सकता है।
करीब 10 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में तीनों राज्यों के वरिष्ठ नेता, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे।





