नई दिल्ली। अभिनेता राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये के लोन और चेक बाउंस मामले में फिलहाल अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तारीख तय की है। तब तक उन्हें तिहाड़ जेल में ही रहना होगा।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राजपाल यादव ने कम से कम दो दर्जन बार भुगतान करने का आश्वासन दिया, लेकिन वादा पूरा नहीं किया। अदालत ने साफ कहा कि जेल जाने की स्थिति उनके अपने वादों को पूरा न करने का परिणाम है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
भतीजी की शादी में शामिल होने की उम्मीद
राजपाल यादव ने अदालत से अनुरोध किया था कि परिवार में 19 फरवरी को भतीजी की शादी है, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। उनके बड़े भाई श्रीपाल यादव की बेटी की शादी को लेकर परिवार में तैयारियां चल रही हैं। परिवार को उम्मीद है कि यदि 16 फरवरी को जमानत मिलती है, तो वे शादी समारोह में शामिल हो सकेंगे।
क्या है पूरा मामला?
मामला साल 2012 का है, जब राजपाल यादव ने फिल्म ‘अता पता लापता’ का निर्देशन किया था। इस फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने दिल्ली की एक कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। आरोप है कि तय समय पर भुगतान नहीं किया गया और दिए गए चेक भी बाउंस हो गए।
इसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ केस कर दिया। पिछले 14 वर्षों में इस केस के सिलसिले में राजपाल यादव दो बार जेल जा चुके हैं और अब तीसरी बार राजपाल सलाखों के पीछे पहुंचे हैं।
फिलहाल सबकी नजर 16 फरवरी की सुनवाई पर टिकी है, जब यह तय होगा कि अभिनेता को जमानत मिलती है या नहीं।





