बॉलीवुड की चर्चित कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘हेरा फेरी 3’ एक बार फिर विवादों के भंवर में फंस गई है। फिल्म की कास्टिंग को लेकर चले विवाद और अक्षय कुमार द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस के बाद अब एक साउथ फिल्म निर्माता ने इसके अधिकारों को लेकर अदालत का रुख कर लिया है। इस नए पेंच ने फिल्म के भविष्य पर दोबारा सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, साउथ के निर्माता जीपी विजयकुमार ने दावा किया है कि ‘हेरा फेरी’ के हिंदी रूपांतरण के असली अधिकार उनके पास हैं। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि अक्षय कुमार या फिर निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के पास इस फ्रेंचाइजी के अधिकार नहीं हैं, जैसा कि पहले बताया जा रहा था।
विजयकुमार के अनुसार, उन्होंने मलयालम फिल्म ‘रामजी राव स्पीकिंग’ के मूल निर्माताओं से इस फ्रेंचाइजी के अधिकार काफी पहले ही खरीद लिए थे, वह भी इसके सीक्वल बनने से पहले। ऐसे में हिंदी वर्जन का असली हक उनका है। इस दावे ने अक्षय और फिरोज के बीच हुए कथित सौदे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इतना ही नहीं, साउथ की कंपनी सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर ने आरोप लगाया है कि फिरोज नाडियाडवाला को सिर्फ एक बार हिंदी रूपांतरण बनाने की अनुमति मिली थी, इसके बावजूद उन्होंने दूसरी फिल्म बना डाली, जो सीधे तौर पर अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में यह भी कहा गया है कि फिरोज को किसी भी तरह से सीक्वल, प्रीक्वल या फिल्म के किरदारों के इस्तेमाल का अधिकार नहीं है।
निर्माता ने यह भी बताया कि पहली फिल्म के समय निर्देशक प्रियदर्शन से करीबी संबंधों के चलते कोई आपत्ति नहीं जताई गई थी। वहीं दूसरी फिल्म ‘फिर हेरा फेरी’ के दौरान कॉपीराइट धारकों से चूक हो गई। लेकिन अब जब तीसरी फिल्म की तैयारी शुरू हुई है, तो असली हकदार अपने कानूनी अधिकारों के लिए कोर्ट पहुंच गए हैं।
इन सभी कानूनी अड़चनों के चलते ‘हेरा फेरी 3’ की रिलीज फिलहाल अधर में लटकती नजर आ रही है और दर्शकों को इसके आने का इंतजार और लंबा करना पड़ सकता है।





