हिंदी सिनेमा के गानों का प्रभाव इतना गहरा होता है कि वे सीधे दर्शकों के दिल को छू जाते हैं। 29 साल पहले बनी फिल्म बॉर्डर का गाना ‘संदेशे आते हैं’ इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है। 9 मिनट लंबा यह गाना जवानों की भावनाओं को दर्शाता है और सिनेमाघरों में बजते ही दर्शकों की आंखों में आंसू भर देता था।
इस गाने को उस वक्त के नए गायकों सोनू निगम और रूपकुमार राठौड़ ने आवाज दी थी। संगीत की जिम्मेदारी अनु मलिक ने संभाली थी और लिरिक्स जावेद अख्तर ने लिखे थे।
हाल ही में अनु मलिक ने इंटरव्यू में बताया कि जब यह गाना लाइव रिकॉर्ड किया जा रहा था, तो सेट का माहौल बेहद इमोशनल था। 20-25 लोगों का कोरस लगातार सुबह से शाम तक गा रहा था। अनु मलिक ने बताया कि उन्होंने गाने को इतनी बार गाया कि उनके मुंह से खून निकल आया। उन्होंने कहा कि यह थकावट और भावनाओं की गहराई का असर था।
अनु मलिक ने यह भी साझा किया कि रूपकुमार राठौड़ गाने के एक हिस्से को गाने में अटक गए थे और बेहद भावुक हो गए थे। उन्हें मनाने के बाद भी गायक रो पड़े। अनु मलिक ने उन्हें भरोसा दिलाया और कहा कि इस गाने को आप ही जीवंत कर सकते हैं। यह विश्वास गायक के लिए प्रेरणा बन गया और उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी।
इस गाने को बॉर्डर 2 में भी रिप्राइज किया गया, जहां मनोज मुंतशिर ने गीतकार की भूमिका निभाई और संगीत मिथुन ने दिया। रिप्राइज वर्ज़न में विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ के साथ गायक बने सोनू निगम और रूपकुमार राठौड़।
‘संदेशे आते हैं’ आज भी दर्शकों और संगीत प्रेमियों के दिल में उसी तरह बसता है, जैसा 29 साल पहले था, और इसके पीछे की कहानी सुनकर गाने की भावनात्मक ताकत और भी साफ महसूस होती है।





