रायपुर के आंबेडकर अस्पताल सहित पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से जुड़े सभी चिकित्सा संस्थानों में अब डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट नियमित रूप से रक्तदान करेंगे। इस कदम से अस्पतालों में ब्लड की उपलब्धता बढ़ेगी और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सकेगा। कई बार गंभीर मरीजों को ब्लड के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसे यह पहल काफी हद तक दूर करेगी।
राजभवन के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में नियमित ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने का फैसला लिया है। सिकलसेल, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रसूति के दौरान महिलाएं और सड़क हादसे के गंभीर मरीज—इन सभी को समय-समय पर ब्लड की आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था से ब्लड बैंक की क्षमता मजबूत होगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक, नियमित रक्तदान न सिर्फ दूसरों की जान बचाता है बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इससे शरीर में नया खून बनने की प्रक्रिया सक्रिय होती है, खून साफ रहता है और हार्ट अटैक का जोखिम 88% तक कम हो सकता है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
इस पहल से ब्लड की कमी दूर होने के साथ-साथ समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।





