जिसमें बैंक के लगभग 40 सेवानिवृत्ति साथियों ने भाग लिया। बैठक में रायपुर से प्रादेशिक अध्यक्ष श्री सी.पी. सेन, महासचिव श्री पी.के. राघव, संगठन सचिव श्री ललित सामंत राय और रायपुर इकाई के महासचिव श्री पी.के. गोयल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में सभी सदस्यों ने ए.आर.पी. राव को प्रदेश कार्यकारिणी के संरक्षक पद पर मनोनीत होने पर बधाई दी। श्री राव ने दुर्ग संगठन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस संगठन के 212 सदस्य हैं। इनमें से 66 सदस्य हर माह बीसी के रूप में 3000 से 5000 रुपये जमा करते हैं और लॉटरी प्रणाली से लाभान्वित होते हैं। संगठन ने सामाजिक कार्यों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है—लगभग तीन लाख रुपये की ऑक्सीजन संबंधी उपकरण अन्य सामाजिक संस्था को उपलब्ध कराए गए। साथ ही एक साथी की पेंशन बहाल कराने हेतु एक लाख रुपये का सहयोग भी किया गया।
संगठन के महासचिव श्री पी.के. राघव ने अपने संबोधन में बताया कि फॉर्म-16 में हुई त्रुटियों को सुधारवाने में संगठन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को लेकर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक का प्रीमियम 36 हजार 344 रुपये है, जबकि पड़ोसी मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक में यह मात्र 29 हजार 700 रुपये है। संगठन ने मांग की है कि आने वाले समय में विभिन्न कंपनियों से बातचीत कर सबसे किफायती और बेहतर सेवा देने वाली कंपनी से बीमा कराया जाए। साथ ही उन्होंने टेली मेडिसिन सेवा को पुनः शुरू करने की भी अपील की।
प्रादेशिक अध्यक्ष श्री सी.पी. सेन ने बैंक प्रबंधन और अध्यक्ष श्री विनोद अरोड़ा द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस पर आयोजित भव्य समारोह की सराहना की और आभार व्यक्त किया।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक पूरे देश में ऐसा बैंक है, जिसका नेट एनपीए शून्य है और लाभप्रदता में तीसरे स्थान पर है।
बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि सेवानिवृत्त होने के बावजूद सभी सदस्य बैंक की उन्नति में सहयोग जारी रखेंगे। बड़े जमाकर्ताओं को बैंक से जोड़ने और ऋण वितरण, विशेषकर आवास ऋण में, ग्राहकों को प्रेरित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि बैंक का पेंशन फंड इतना मजबूत हो चुका है कि आजीवन पेंशन निर्बाध रूप से दी जा सकेगी।
अंत में संगठन सचिव श्री ललित सामंत राय ने नए सदस्यों को संगठन से जुड़ने का आमंत्रण दिया, जिसका उपस्थित सभी साथियों ने स्वागत किया।




