पलारी के समीप स्थित श्री दूधाधारी मठ के ग्राम अमेठी के निर्माणाधीन बाड़ा में वामन द्वादशी के अवसर पर भगवान विष्णु के पांचवें अवतार वामन भगवान की विशेष पूजा अर्चना की गई। ग्राम वासियों को केला, मिठाई, फल्ली दाना, इलायची दाना एवं नारियल का प्रसाद वितरित किया गया। भगवान के वामन अवतार के संदर्भ में राजेश्री महन्त जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि- राजा बलि के अहंकार को दूर करने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और उन्हें पृथ्वी लोक से पाताल लोक में भेज दिया। इस संदर्भ में लिखा है कि- *तेरी मर्जी कुछ नहीं, करता के तत्काल। बाली चाहे बैकुंठ को, भेज दिए पाताल।।* अर्थात इस संसार में जो कुछ भी होता है वह भगवान की इच्छा से ही होता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ साहित समस्त देशवासियों को वामन द्वादशी की बधाई दी है।
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