रायपुर के वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर में कैप्सूल लिफ्ट के बीच में रुकने की घटना की जांच में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई हैं। 20 अप्रैल 2026 को हुई इस घटना के बाद मुख्य विद्युत निरीक्षकालय ने रिपोर्ट के आधार पर सुधार के लिए 7 दिन का समय तय किया है।
जांच में पाया गया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में डीजल जनरेटर और यूपीएस की स्टैंडबाय व्यवस्था मौजूद थी, लेकिन सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर पाया। अधिकारियों के मुताबिक, “घटना के दिन विद्युत आपूर्ति में व्यवधान आने पर डीजल जनरेटर के ऑटोमैटिक चेंजओवर सिस्टम में तकनीकी खराबी उत्पन्न हो गई, जिसके परिणामस्वरूप यूपीएस भी प्रभावित हुआ और लिफ्ट को निरंतर विद्युत आपूर्ति नहीं मिल सकी।”
उन्होंने बताया कि लिफ्ट अभी वारंटी अवधि में है, जो 23 जनवरी 2027 तक मान्य है, और संबंधित एजेंसी द्वारा मरम्मत का काम किया जा रहा है।
अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि “यदि निर्धारित अवधि में आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है, तो केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (विद्युत आपूर्ति एवं सुरक्षा से संबंधित उपाय) विनियम, 2023 के विनियम 32(7) के तहत 48 घंटे का नोटिस जारी कर विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की जाएगी।”
गौरतलब है कि 20 अप्रैल को छत्तीसगढ़ शासन की अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा करेंसी टावर के लिफ्ट में फंस गई थीं। बताया जाता है कि वह करीब 10 मिनट तक लिफ्ट के अंदर रहीं। इसके दो दिन बाद कांग्रेस प्रवक्ता नितिन भंसाली भी इसी तरह की घटना का शिकार हुए थे, जिससे लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।





