इजराइल-ईरान युद्ध के असर और बढ़ते तेल के दामों की वजह से ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत के शेयर बाजार पर अपनी राय बदल दी है. अमेरिकी मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेस कंपनी गोल्डमैन सैक्स ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में भारत को ‘ओवरवेट’ से ‘मार्केटवेट’ कर दिया है. साथ ही निफ्टी 50 का 12 महीने का टारगेट 14 प्रतिशत घटाकर 25,300 कर दिया है. जबकि पहले यह टारगेट 29,500 था. गोल्डमैन सैक्स ने भारत की कमाई (अर्निंग्स) के अनुमान में भी बड़ी कटौती की है. कैलेंडर ईयर 2026 के लिए अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान 16 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है.
2027 के लिए यह 14 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत रह गया है. कंपनी का कहना है कि अगले 2-3 तिमाहियों में बाजार के आम अनुमानों (कंसेंसस एस्टिमेट्स) में भी काफी कटौती हो सकती है. इससे पहले तेल सप्लाई शॉक के समय भी ऐसा ही हुआ था. सबसे ज्यादा कटौती घरेलू साइक्लिकल सेक्टरों में होगी.
क्यों बदली गोल्डमैन की राय?
इस डाउनग्रेड की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध है, खासकर अमेरिका-ईरान टकराव है. इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. गोल्डमैन के कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने तेल और गैस की कीमतों के अनुमान बढ़ा दिए हैं. भारत तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए ऊर्जा शॉक का असर यहां ज्यादा पड़ रहा है.




