गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को मृत घोषित करने के बाद मर्चुरी भेज दिया गया, लेकिन वहां उसे होश आ गया और वह नग्न अवस्था में बाहर भाग निकला। इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, हड्डीमील क्षेत्र निवासी जॉन पारदी ने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया था। अचेत हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने बिना कोई खास जांच या परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद औपचारिकताएं पूरी कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया गया।
मर्चुरी में ठंडी टेबल पर रखे जाने के बाद युवक को अचानक होश आया। खुद को नग्न अवस्था में और चारों ओर सन्नाटा व शव देखकर वह घबरा गया और तुरंत बाहर की ओर दौड़ पड़ा। उसे इस हालत में भागते देख वहां मौजूद लोग डर गए और कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। बता दें कि घटना पिछले हफ्ते की है, जिसका पीड़ित और परिजन अब खुलासा कर रहे हैं। जॉन पारधी का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उसके कागज से लेकर तमाम दस्तावेज गायब कर दिए।
पीड़ित जॉन पारदी ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि, “जब मुझे होश आया तो मैं एक ठंडी मेज पर नग्न अवस्था में था, चारों तरफ लाशें थीं। मुझे लगा डॉक्टर मेरा पोस्टमार्टम करने वाले हैं, इसलिए मैं डर के मारे बाहर भाग गया।”
कुछ ही देर में परिजन मौके पर पहुंचे और युवक को संभाला। पीड़ित ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “अगर मुझे समय पर होश नहीं आता, तो शायद डॉक्टर मुझे जिंदा ही चीर-फाड़ देते।”
इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मामले को लेकर अब तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।





