मध्यप्रदेश

भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर जारी, इलाज के दौरान एक और मौत; कुल आंकड़ा 33 पहुंचा

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इलाज के दौरान हलकूप्रसाद यादव की मौत हो गई है। वे वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले उनकी पत्नी का भी निधन हो चुका था, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। अब तक इस इलाके में मौतों का आंकड़ा 33 तक पहुंच चुका है।

लगातार सामने आ रहे मामलों से लोग डरे हुए हैं। उल्टी-दस्त से शुरू होने वाली बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले रही है और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर रही है। मृतकों में बड़ी संख्या बुजुर्गों की बताई जा रही है।

जांच में बड़ा खुलासा
वार्ड 80 के रहवासी कुछ दिनों से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। शिकायत की तो जांच शुरू हुई। निगम की टीम जांच करते हुए नर्मदा जल वितरण के वाल्व तक पहुंची। खोदाई की तो चौंक गए। नगर निगम की जांच में सामने आया कि नर्मदा के चैंबर में कुछ मकानों की निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ दी गई थी। पानी के लिए वाल्व खोलते ही ड्रेनेज पीने के पानी के साथ मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच जाता था। निगम की टीम ने कार्रवाई कर ड्रेनेज की लाइन को अलग किया। पार्षद प्रशांत बड़वे ने बताया कि पाराशर नगर रहवासियों की शिकायत पर निगम टीम ने जांच की तो पता चला कि 12 ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास बने नर्मदा वाल्व के चैंबर से बदबूदार पानी बाहर आ रहा है। खोदाई की तो पता चला पास में बने चार मकानों ने निजी ड्रेनेज लाइन को इस चैंबर में जोड़ दिया था।

शिकायत पर विवाद
पार्षद प्रशांत बड़वे ने बताया कि, पाराशर नगर रहवासी संघ ने शिकायत की कि जिन मकानों ने अपनी ड्रेनेज लाइन नर्मदा चैंबर में जोड़ी थी, वे अवैध हैं। कालोनी के ले-आउट में ये हैं ही नहीं। पार्षद ने बताया कि मकानों की वैधता की जांच की जाएगी। मामला सामने आने के बाद ये मकान वाले शिकायतकर्ताओं को धमकाते हुए विवाद करने लगे। हालांकि फिलहाल ड्रेनेज लाइन अलग करने के बाद क्षेत्र के रहवासियों को शुद्ध पानी मिलने लगा है।

ताप्ती परिसर में भी नाराजगी
इधर, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत रंगवासा सिंदौड़ा स्थित ताप्ती परिसर का निरीक्षण किया। जहां 1500 से अधिक परिवार रहते हैं। रहवासियों ने साफ-सफाई, रखरखाव और सामुदायिक भवन के निर्माण में हो रही देरी को लेकर असंतोष जताया। निगमायुक्त ने संबंधित एजेंसी को बचे कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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