देश

UIDAI का बड़ा एक्शन, 2.5 करोड़ से ज्यादा मृत लोगों के आधार कार्ड किए गए बंद

आधार सिस्टम को सुरक्षित और सटीक बनाए रखने के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। UIDAI ने अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा ऐसे आधार कार्ड निष्क्रिय कर दिए हैं, जिनका निधन हो चुका है। आईटी मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि देश में करीब 134 करोड़ नागरिकों के पास आधार कार्ड है और रिकॉर्ड को सटीक बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

सरकार के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद ऐसे दस्तावेजों को निष्क्रिए करने का काम सरकार करती है। मृत्यु की जानकारी मुख्य रूप से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिए सरकार को मिलती है। जब परिवार मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाता है, तो वह डाटा सरकारी डेटाबेस में दर्ज हो जाता है और उसी आधार पर संबंधित दस्तावेजों को बंद किया जाता है।

UIDAI ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘माईआधार’ पोर्टल पर ‘परिवार के सदस्य की मृत्यु की रिपोर्ट करें’ नाम से सुविधा शुरू की है। इसके जरिए परिवारजन मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार नंबर जमा कर मृत व्यक्ति का आधार निष्क्रिय करा सकते हैं। इसी तरह, वोटर आईडी को चुनाव आयोग मृत्यु पंजीकरण डाटा या फॉर्म-7 के जरिए हटाता है, जबकि पैन कार्ड को इनकम टैक्स विभाग में जाकर मैन्युअली सरेंडर करना होता है। पासपोर्ट भी मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ संबंधित कार्यालय में जमा कराया जा सकता है।

सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकना है, ताकि कोई भी व्यक्ति मृत व्यक्ति के नाम या आधार का गलत इस्तेमाल न कर सके और धोखाधड़ी को रोका जा सके। साथ ही कोई भी व्यक्ति मृत व्यक्ति के नाम पर सरकारी योजनाओं या सुविधाओं का गलत लाभ न उठा सके। आधार डाटा को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सरकार लगातार सफाई अभियान चला रही है।

इसके साथ ही सुरक्षा बढ़ाने के लिए आधार में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। अब आधार धारक अपने बायोमेट्रिक डाटा को लॉक कर सकते हैं, फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा उपलब्ध है और बिना इंटरनेट के पहचान सत्यापन के लिए सुरक्षित क्यूआर कोड और ई-आधार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन उपायों से आधार का दुरुपयोग रोकने में काफी मदद मिलेगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts