इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर चीन ने एक सख्त और अहम कदम उठाया है। चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ऐलान किया है कि 1 जनवरी 2027 से देश में बिकने वाली सभी कारों में अंदर और बाहर स्पष्ट रूप से दिखने वाला मैकेनिकल (मैनुअल) डोर रिलीज सिस्टम अनिवार्य होगा। जो मॉडल अभी विकास या अंतिम चरण में हैं, उन्हें 2029 तक का समय दिया गया है।
यह फैसला उन फ्लश-टाइप पावर्ड डोर हैंडल्स को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिन्हें Tesla जैसी कंपनियों ने दुनियाभर में लोकप्रिय बनाया। हाल के वर्षों में हुए कई हादसों के बाद इन इन हैंडल्स की सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
पावर्ड डोर हैंडल्स पर बैन की वजह
हादसों में यात्रियों का फंस जाना
जुलाई 2024 में चीन ने EV डोर हैंडल्स की सेफ्टी स्टैंडर्ड की समीक्षा शुरू की थी। इसकी वजह कई गंभीर सड़क हादसे थे, जिनमें यात्रियों के कार के अंदर फंसने की घटनाएं सामने आईं। खास तौर पर Xiaomi की इलेक्ट्रिक कारों से जुड़े दो गंभीर हादसों का जिक्र किया गया, जिनमें टक्कर के बाद आग लग गई। संदेह है कि पावर फेल होने के कारण दरवाजे नहीं खुले, जिसे अदंर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके।
बिजली पर निर्भर सिस्टम बना जोखिम
पावर्ड डोर हैंडल पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर चलते हैं। एक्सीडेंट, बैटरी डिस्चार्ज या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में ये काम करना बंद कर सकते हैं। कई कारों में मैनुअल बैकअप होता जरूर है, लेकिन वह छिपा होता है और इमरजेंसी में आसानी से नजर नहीं आता।
रोजमर्रा में चोट का खतरा
इन हैंडल्स के डिजाइन में प्रोटेक्टिव गार्ड नहीं होने के कारण बच्चों और बुजुर्गों की उंगलियों में चोट लगने का खतरा रहता है। दुनियाभर से ऐसे मामलों की रिपोर्ट आने के बाद डिजाइन बनाम सेफ्टी की बहस तेज हो गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई दुर्घटनाओं में कार की बिजली बंद होने के बाद न यात्री और न ही रेस्क्यू टीम दरवाजे खोल पाई।
नए नियम क्या सुनिश्चित करेंगे?
हर कार में अंदर और बाहर मैकेनिकल डोर रिलीज होंगे
हैंडल साफ दिखने और इस्तेमाल करने लायक होगें
बिजली फेल होने पर भी सिस्टम काम करेगा
आग, पानी या एक्सीडेंट जैसी इमरजेंसी में यात्री तुरंत बाहर निकल सकेंगे
चीन का यह फैसला साफ संकेत देता है कि आधुनिक तकनीक से ज्यादा अहम यात्रियों की जान है। भले ही पावर्ड डोर हैंडल्स दिखने में प्रीमियम हों, लेकिन इमरजेंसी में अगर वे काम न करें तो खतरा बन जाते हैं। मैकेनिकल डोर हैंडल्स की अनिवार्यता से यह सुनिश्चित होगा कि मुश्किल हालात में भी कार से बाहर निकलने का भरोसेमंद रास्ता मौजूद रहे।





