अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना का एक और बड़ा सैन्य बेड़ा ईरान की दिशा में रवाना हो चुका है। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टकराव और युद्ध की आशंकाएं गहराने लगी हैं। यह बात उन्होंने आयोवा के क्लाइव शहर में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कही।
ट्रंप ने कहा कि एक “खूबसूरत आर्माडा” इस समय ईरान की ओर बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान हालात बिगड़ने से पहले किसी समझौते के लिए तैयार हो जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, अगर ईरान पहले ही समझौता कर लेता, तो आज उसकी स्थिति अलग होती।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पिछले साल जून में अमेरिका ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था, जिससे उसकी परमाणु क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई। हालांकि इन हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हुए वास्तविक नुकसान को लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था और इसके बाद ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे। इन कदमों से दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था।
अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में ईरान ने भी तीखी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की, तो उसे गंभीर और पछतावे वाली प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। तेहरान में एक विशाल होर्डिंग भी लगाया गया है, जिसमें एक अमेरिकी विमानवाहक पोत को तबाह दिखाया गया है और उस पर फारसी और अंग्रेजी में लिखा है—“अगर तुम हवा बोओगे, तो तूफान काटोगे।”
इस बीच अमेरिकी युद्धपोत पहले ही मध्य पूर्व क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। USS अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और मिसाइलों से लैस कई जहाजों की तैनाती से इलाके में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी और बढ़ गई है। ट्रंप ने इसे एहतियाती कदम बताते हुए कहा कि जरूरी नहीं कि इस ताकत का इस्तेमाल किया ही जाए।
उधर, ईरान के भीतर भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शनों और कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं।





