ग्रेटर नोएडा में लगातार हो रहे सड़क हादसे एक बार फिर प्रशासन और प्राधिकरण की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की घटना के बाद भी हालात में सुधार नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामला कासना थाना क्षेत्र के भाटी गोलचक्कर का है, जहां शनिवार देर रात एक कार 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ पर सीधे नाले में जा गिरी। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जान नहीं गई और कार सवार दोनों लोग सुरक्षित बाहर निकल आए।
जानकारी के मुताबिक, सुनील कुमार अपने चालक रिजवान के साथ लुक्सर से परी चौक की ओर जा रहे थे। उनकी कार ओला टैक्सी से जुड़ी बताई जा रही है। इकोटेक-6 स्थित ओप्पो कंपनी के पास भाटी गोलचक्कर की ओर बढ़ते समय घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। इसी वजह से चालक को तीखा मोड़ नजर नहीं आया और कार नाले में गिर गई।
नाले में पानी का स्तर कम होने के कारण कार सीधी खड़ी रही, जिससे दोनों लोग तुरंत बाहर निकलने में सफल रहे। घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार को बाहर निकलवाया।
घटना के बाद रविवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और लकड़ी की बल्लियां व रिफ्लेक्टर टेप लगाकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ पहले से ही हादसों के लिए बदनाम है, लेकिन अब तक यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही स्ट्रीट लाइट व रिफ्लेक्टर की स्थायी व्यवस्था की गई है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि हर हादसे के बाद प्राधिकरण सिर्फ खानापूर्ति करता है और स्थायी समाधान की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाता। लोगों ने सवाल खड़ा किया है कि क्या किसी बड़े और जानलेवा हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा।
गौरतलब है कि युवराज मेहता हादसे के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार के दावे किए थे, लेकिन कासना की यह घटना उन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।





