महू। चन्दर मार्ग क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले स्वास्थ्य संकट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रभावित गलियों का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर प्रभावित परिवार को जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, इस समस्या से करीब 250 घर सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। हालात पर नजर रखने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 12 विशेष सर्वे टीमें तैनात की गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं और प्रभावित इलाकों को चिन्हित कर रही हैं।
दूषित पानी पीने से बीमार पड़े लोगों में से फिलहाल 10 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अधिकांश की हालत स्थिर है।
संक्रमण की जड़ तक पहुंचने के लिए प्रशासन ने नर्मदा जल की पाइपलाइन सप्लाई को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पीने के पानी की समस्या न हो, इसके लिए प्रभावित इलाकों में टैंकरों से शुद्ध पानी की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही जल स्रोतों और आसपास के क्षेत्रों में क्लोरिनेशन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन में किसी भी तरह के लीकेज या ड्रेनेज मिक्सिंग की जल्द पहचान कर उसे ठीक किया जाए। जब तक पानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक जल आपूर्ति और निगरानी की व्यवस्था जारी रहेगी।





