रायपुर। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने प्रदेश में 2828 नए मतदान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। फिलहाल राज्य में 24,371 मतदान केंद्र हैं, जो बढ़कर अब 27,199 हो जाएंगे।
मतदाताओं की सुविधा के लिए बढ़ाई गई संख्या
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व बढ़ा है या जहां एक केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता हैं, वहां नए मतदान केंद्र खोले जा रहे हैं। इसके अलावा उन इलाकों में भी बूथ बनाए जा रहे हैं, जहां भौगोलिक कठिनाइयों या दूरी के कारण पिछले चुनावों में मतदान प्रभावित हुआ था।
चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार दिव्यांग, बुजुर्ग और महिला मतदाताओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर नए बूथ पर रैंप, व्हीलचेयर, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी।
माओवादी और ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे अधिक बूथ
आयोग ने बताया कि करीब 45 प्रतिशत नए मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में और 25 प्रतिशत माओवादी प्रभावित जिलों में बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य कठिन इलाकों में भी अधिकतम मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.80 करोड़ है, जिनमें करीब 12 लाख नए युवा वोटर शामिल हुए हैं। आयोग को उम्मीद है कि नए केंद्रों की स्थापना से मतदान प्रतिशत में 3 से 4 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
चल रही है मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया
इसी के साथ प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इस प्रक्रिया में बीएलओ (Booth Level Officer) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। यह प्रक्रिया देश के अन्य 12 राज्यों में भी एक साथ चल रही है।





