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आसान नहीं है विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन, पास करनी होगी यह परीक्षा, सिर्फ 2 साल मान्य रहेगा स्कोर

आईईएलटीएस परीक्षा दुनियाभर में सबसे विश्वसनीय अंग्रेजी भाषा की परीक्षा मानी जाती है. यह टेस्ट उन स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए बहुत जरूरी है, जो अंग्रेजी बोलने वाले देशों (जैसे, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या यूके) में पढ़ाई करना, काम करना या हमेशा के लिए बसना चाहते हैं. आईईएलटीएस के जरिए अंग्रेजी के 4 अहम हिस्सों- सुनना, पढ़ना, लिखना और बोलना पर आपकी पकड़ जांची जाती है. इसका स्कोर दो साल तक मान्य रहता है.
विदेश की टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए आमतौर पर 6.5 से 7.5 का कुल IELTS बैंड स्कोर मांगा जाता है. इसमें किसी भी सेक्शन में स्कोर 6.0 से कम नहीं होना चाहिए. ऑक्सफोर्ड या कैम्ब्रिज जैसी यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए अक्सर 7.5+ बैंड की उम्मीद की जाती है. इस अहम परीक्षा की तैयारी में स्टूडेंट्स की मदद करने के लिए फिजिक्सवाला (PW) ने आईडीपी एजुकेशन इंडिया (IDP) के साथ खास समझौता (MoU) किया है. इससे कोचिंग के स्टूडेंट्स को बेहतर गाइडेंस मिल सकेगा.
आईईएलटीएस की तैयारी कैसे करें?
आईईएलटीएस का फुल फॉर्म इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम है. ज्यादातर टॉप यूनिवर्सिटीज आईईएलटीएस में हाई स्कोर की डिमांड रखती हैं. इससे सुनिश्चित किया जाता है कि स्टूडेंट्स क्लासरूम में आसानी से अंग्रेजी समझ और बोल सकेंगे. बैंड 8 या उससे ऊपर का स्कोर दर्शाता है कि आपकी अंग्रेजी लगभग मातृभाषा (Native) जितनी अच्छी है, जिससे एडमिशन के चांस बहुत बढ़ जाते हैं. विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए जानिए इसकी तैयारी के बेस्ट टिप्स-

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