छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस बड़े बदलाव के मूड में है. पार्टी 30 जिलों के अध्यक्षों को बदलने की तैयारी

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कांग्रेस करीब 30 जिलों के अध्यक्ष बदलने जा रही है. ग्रामीण और शहरी मिलाकर यह बदलाव किए जाएंगे. दरअसल, बतौर विपक्ष कांग्रेस और आक्रामक मोड़ पर आना चाहती है. इसके लिए आमूलचूल परिवर्तन को लेकर मुहर लग गई है. गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज संगठन में बदलाव की सूची लेकर दिल्ली में आयोजित पार्टी की बैठक में गए थे. इस सूचि में ब्लॉक अध्यक्षों के साथ संभावित जिलाध्यक्षों के नाम का पैनल था. इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रभारी सहसचिव विजय जांगिड़, जेसिका लेतफलांग के साथ एस संपत भी शामिल थे.

कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि निकाय चुनाव के पहले कांग्रेस सड़क की लड़ाई लड़ने की रणनीति बना रही है. पार्टी को लगता है कि इसके लिए बेहद आक्रामक छवि के कार्यकर्ताओं की जरूरत है. यही वजह है कि निष्क्रिय और पुराने जिलाध्यक्षों को बदला जा रहा है. एक तरह से आमूलचूल परिवर्तन किए जा रहे हैं. दरअसल, पार्टी बदलाव के जरिये एक बार फिर नाराज कार्यकर्ताओं को साधना चाहती है. पार्टी को यह लगता है कि नए चेहरों के साथ कार्यकर्ता नए सिरे से रिचार्ज होंगे. साथ ही पार्टी के भीतर मोनोपली भी खत्म की जा सकेगी. पार्टी के अंदर गुटबाजी भी इस बदलाव की बड़ी वजह है.

वापस आना चाहते हैं कई नेता
बताया जाता है कि कांग्रेस छोड़ चुके कई नेता पार्टी में वापस आना चाहते हैं. इसी कड़ी में जनता कांग्रेस की रेणु जोगी और उनके बेटे अमित जोगी ने कांग्रेस में शामिल होने के लिए पार्टी नेतृत्व को पत्र भी लिखा है. इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि इस पर हमारी कमेटी फैसला लेगी. उन्होंने अलग पार्टी बनाई है. पार्टी आलाकमान फैसला करेगा कि उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय करना है या नहीं. उन्होंने कहा कि बहुत सी पार्टियों के लोग भी आ रहे हैं. उनके आवेदनों पर चर्चा की जाएगी. इस मसले को लेकर राज्य के प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में कमेटी बनी है. यह कमेटी इस महीने के अंत में बैठक करेगी. इस तरह के लोगों को पार्टी में वापस लें कि नहीं. इस चर्चा के बाद सभी पर फैसला लिया जाएगा.

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