दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी से एक दिन पहले रविवार को इस्तीफा देने वाले कैलाश गहलोत मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. गहलोत ने रविवार को अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार के कामकाज पर तमाम तरह के आरोप लगाए थे. उन्होंने केजरीवाल के सीएम रहते सरकारी निवास पर किए गए खर्च को लेकर भी सवाल उठाया था.
उनके इस्तीफे के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह भाजपा का दामन थाम सकते हैं. कैलाश गहलोत पर भी कई तरह के आरोप लगे हैं. दिल्ली के कथित शराब घोटाले से उनका नाम भी जुड़ने की आशंका था. क्योंकि जिस कमेटी ने दिल्ली की आबकारी नीति को मंजूरी दी थी उसमें कैलाश गहलोत भी थे. कैलाश गहलोत के पार्टी छोड़ने पर आप सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया कि गहलोत ने भाजपा की गंदी राजनीति के दबाव में इस्तीफा दिया है. उनको ईडी और सीबीआई की छापेमारी और जांच का डर दिखाया गया है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले गहलोत के इस्तीफे से आप और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईडी और सीबीआई के छापों के जरिए कैलाश गहलोत पर दबाव बनाया गया और अब वह भाजपा की स्क्रिप्ट के मुताबिक बोल रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव से पहले भाजपा की ‘मोदी वॉशिंग मशीन’ सक्रिय हो गई है.
आप की राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने आरोप लगाया कि गहलोत और उनके परिवार के खिलाफ जारी जांच के कारण उनके पास भाजपा में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. हालांकि गहलोत ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने आप की गलत नीतियों के कारण पार्टी छोड़ने की बात कही है.




