पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) द्वारा जारी किए गए 2024-25 के आंकड़ों से देश के उन दस राज्यों की जानकारी दी गई है, जो सबसे ज्यादा पेट्रोल फूंक रहे हैं. पीपीएसी के ये आंकड़े न केवल यह बताते हैं कि किस राज्य के लोग अपनी गाड़ियों में सबसे ज्यादा ईंधन फूंक रहे हैं, बल्कि राज्यों की आर्थिक गतिविधियों को भी दर्शाते हैं
त्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) देश में सबसे ज्यादा पेट्रोल फूंक रहा है. पेट्रोल खपत के मामले ने यूपी ने महाराष्ट्र को पछाड़ दिया है. 2024-25 के दौरान उत्तर प्रदेश ने करीब 4,832.8 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल की खपत दर्ज की है. लंबे समय तक औद्योगिक गतिविधियों के केंद्र रहे महाराष्ट्र को पीछे छोड़ना उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप और बढ़ती क्रय शक्ति का बड़ा संकेत
उत्तर प्रदेश की इस रिकॉर्ड तोड़ सफलता के पीछे कई बड़े और ठोस कारण छिपे हुए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है वहां की विशाल आबादी. इसके अलावा, राज्य में एक्सप्रेस-वे और बेहतर सड़कों के जाल ने शहरों के बीच आवाजाही को बेहद आसान और तेज बना दिया है. इससे यूपी अब ईंधन मांग का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है
तमिलनाडु (Tamil Nadu) पेट्रोल खपत के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है. तमिलनाडु में करीब 3,533.7 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल की खपत हुई. राज्य के मजबूत परिवहन ढांचे, औद्योगिक विकास और शहरी केंद्रों में मध्यम वर्ग की बढ़ती आय और निजी वाहनों के प्रति बढ़ते आकर्षण ने ईंधन की बिक्री को बढ़ा दिया है.
कर्नाटक (Karnataka) पेट्रोल खपत के मामले में चौथे स्थान पर काबिज है. राज्य में कुल 3,054.3 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल की खपत दर्ज की गई है. यहां के टेक प्रोफेशनल्स और युवाओं के बीच बढ़ती मोबिलिटी और वीकेंड ट्रिप्स के चलन ने पेट्रोल की मांग को हर साल एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
गुजरात (Gujarat) इस सूची में पांचवें स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है. अपनी शानदार सड़कों और व्यापारिक कौशल के लिए मशहूर गुजरात ने करीब 2,701.2 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल की खपत की है. राज्य के विभिन्न औद्योगिक बेल्ट और शहरी इलाकों में वाहनों की बढ़ती संख्या पेट्रोल खपत बढ़ा रही है.
राजस्थान (Rajasthan) और दिल्ली (Delhi) पेट्रोल खपत में क्रमशः छठे और सातवें स्थान पर बने हुए हैं. राजस्थान जैसे बड़े क्षेत्रफल वाले राज्य में लंबी दूरी की यात्राओं के कारण करीब 2,606.3 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल की खपत हुई. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली ने छोटे भौगोलिक क्षेत्र के बावजूद 2,068.4 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल फूंक दिया.




