भारत में कर्ज लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. खासकर आपात जरूरतों के लिए लोग तेजी से Gold Loan का सहारा ले रहे हैं. यह लोन आसानी से भी मिल जाता है. लेकिन, सोने गिरवी रखकर लोन लेना आगे मुश्किल हो सकता है. खासकर 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का गोल्ड देने में बैंक और एनबीएफसी ज्यादा पूछ-परख करें.
पीरामल फाइनेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ जयराम श्रीधरन का कहना है कि आने वाले समय में गोल्ड लोन सेक्टर में कई महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं. खासकर 2.5 लाख रुपये से ज्यादा लोन लेने वालों को पैसा देने में बैंक और एनबीएफसी अतिरिक्त सतर्कता बरत सकती हैं.
श्रीधरन के मुताबिक, होम लोन के बाद आज गोल्ड लोन सबसे बड़ा लोन सेक्टर बन चुका है. लेकिन इसमें सबसे बड़ी चिंता यह है कि 2.5 लाख रुपये से अधिक के गोल्ड लोन में क्रेडिट जोखिम काफी ज्यादा है. उन्होंने खुलासा किया कि बड़े व्यापारिक उद्देश्यों के लिए भारी रकम का गोल्ड लोन लेने वाले कई लोग कारोबार में नुकसान होने पर लोन चुकाने में असफल हो रहे हैं
मध्य पूर्व देशों को निर्यात करने वाली कंपनियों और ईंधन लागत से सीधे प्रभावित होने वाले टाइल्स और सिरेमिक उद्योगों को लोन देते समय भी कंपनी अतिरिक्त सावधानी बरत रही है. जिन ग्राहकों पर पहले से ज्यादा कर्ज है, उन्हें नया लोन देने में भी कटौती की जा रही है.




