अपने घर का सपना हर किसी की आंखों में होता है, लेकिन आर्थिक तंगी अक्सर इस सपने को अधूरा छोड़ देती है। कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र सोनहत जनपद पंचायत के ग्राम रजौली की निवासी हिरमन बाई के लिए भी यह सपना वर्षों तक सिर्फ एक उम्मीद बना रहा। कच्चे मकान की असुरक्षा, मौसम की मार और रोजमर्रा की परेशानियों के बीच जीवन बीत रहा था। लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके जीवन की तस्वीर बदल दी है।
कभी बारिश की बूंदें घर की छत से भीतर टपकती थीं, गर्मी में मिट्टी की दीवारें तपती थीं और ठंड के दिनों में पूरा परिवार असुरक्षा और असुविधा के बीच रातें बिताने को मजबूर था। ऐसे हालात में एक सुरक्षित और पक्के घर का सपना उनके लिए किसी दूर की मंजिल जैसा था।
इसी बीच प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हिरमन बाई का आवास स्वीकृत हुआ। शासन की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था के जरिए अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में पहुंची, जिससे उन्होंने अपने सपनों के घर के निर्माण की शुरुआत की। मेहनत और शासन की सहायता से अब उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो चुका है। नए घर में प्रवेश के साथ ही हिरमन बाई और उनके परिवार के जीवन में मानो नई रोशनी आ गई है। परिवार को सुरक्षित वातावरण मिला है, जिससे आत्मविश्वास और सम्मान की भावना बढ़ी है।
हिरमन बाई बताती हैं कि पहले उनका जीवन बेहद कठिन था। कच्चे मकान में हर मौसम एक नई चुनौती लेकर आता था, लेकिन अब पक्के घर ने उनके जीवन में स्थिरता और सुकून ला दिया है। वह कहती हैं कि यह घर सिर्फ ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि उनके परिवार के बेहतर भविष्य की नींव है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना केवल घर नहीं दे रही, बल्कि लोगों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन जीने का विश्वास भी दे रही है।




