इंडिगो और एयर इंडिया ने अपनी घरेलू उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। यह कमी मुख्य रूप से जून से अगस्त के बीच लागू रहेगी। दोनों एयरलाइंस ने इसके पीछे अलग-अलग वजहें बताई हैं।
एयर इंडिया ने कहा है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण फ्लाइट ऑपरेशन लगातार महंगा होता जा रहा है। इसी वजह से कंपनी ने कुछ घरेलू रूटों पर उड़ानों की संख्या कम करने और कुछ फ्लाइट्स को मर्ज करने का फैसला लिया है। एयर इंडिया अपनी डोमेस्टिक फ्लाइटों में करीब 22 फीसदी तक कटौती कर रही है।
कंपनी के मुताबिक, “जैसा की इससे पहले जून और अगस्त 2026 के बीच इंटरनेशनल फ्लाइटों में कटौती की गई थी। इसी समय के दौरान कुछ डोमेस्टिक फ्लाइटों में भी अस्थायी रूप से कटौती की जा रही है। इसमें कुछ चुनिंदा मार्गों पर उड़ानों की संख्या (फ्रीक्वेंसी) कम की गई है।”
एयर इंडिया ने यह भी कहा कि प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में सीट देने, मुफ्त में यात्रा की तारीख बदलने या नियमों के अनुसार पूरा रिफंड लेने की सुविधा दी जाएगी।
वहीं इंडिगो का कहना है कि उसने यह फैसला महंगे ईंधन की वजह से नहीं बल्कि कुछ रूटों पर कम होती डिमांड के कारण लिया है। एयरलाइन के अनुसार जून से सितंबर मध्य तक कुछ घरेलू मार्गों पर करीब सात फीसदी तक उड़ानों में कमी की जाएगी। यदि इस दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो कटौती की गई उड़ानों को फिर से शुरू किया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, इन दोनों बड़ी एयरलाइंस के अलावा कुछ अन्य कंपनियां भी अपने घरेलू नेटवर्क में उड़ानों की संख्या घटाने पर काम कर रही हैं।





