राजनांदगांव। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर खुज्जी विधानसभा के काग्रेस नेताओ पर तिखा हमला बोलते हुए कहा कांग्रेस नेता शराब दुकानों के मुद्दे पर दोहरी राजनीति कर रहे है।
एम.डी. ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2017-18 में जब पूर्व मंत्री स्वर्गीय भाटिया जी के परिवार के भवन में सरकारी शराब दुकान संचालित थी, तब कांग्रेस नेताओं ने इसे बड़ा मुद्दा बनाकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किए थे।और आज जब कांग्रेस विधायक भोलाराम साहू के परिवार की जमीन पर शराब दुकान संचालित हो रही है और उसके एवज में शासन से निर्धारित किराया प्राप्त किया जा रहा है, तब वही कांग्रेस पूरी तरह मौन है। आखिर तब विरोध और आज चुप्पी क्यों?
एम.डी. ठाकुर ने कहा खुज्जी में विधायक परिवार की जमीन पर संचालित शराब दुकान दिखाई नहीं देती? क्या कांग्रेस की नैतिकता केवल भाजपा सरकार पर आरोप लगाने तक सीमित है? अपने विधायक के मामले में जिला कांग्रेस कमेटी का नेतृत्व की चुप्पी यह साबित करती है कि उनका विरोध केवल राजनीतिक दिखावा है।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में शराब दुकानों खिलाफ है तो उन्हें खुज्जी विधायक भोलाराम साहू को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले में जवाब मांगना चाहिए। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि जब उसकी घोषित राजनीतिक लाइन शराब दुकानों के विरोध की है, तब उसके विधायक के परिवार की जमीन पर शराब दुकान किस आधार पर संचालित हो रहा है और काग्रेस के लोग मौन क्यों है ?
एम.डी. ठाकुर ने कहा समझ से परे है कि काग्रेस नेता अपने प्रिय विधायक भोलाराम साहू को अपनी जमीन पर शराब दुकान संचालित कराने से मना क्यों नहीं किया। यदि शराब दुकानों को लेकर कांग्रेस की आपत्ति है तो कांग्रेस नेतृत्व को बताना चाहिए कि क्या एक नियम जनता के लिए और दूसरा नियम अपने नेताओं के लिए है?
उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस जनता को भ्रमित करने के लिए शराब दुकानों के विरोध का नाटक करती है और दूसरी तरफ उसके विधायक उसी व्यवस्था से लाभ प्राप्त करते हैं। यह कांग्रेस के राजनीतिक पाखंड और अवसरवादी सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है। जनता अब समझ चुकी है कि कांग्रेस का विरोध सिद्धांतों पर नहीं बल्कि राजनीतिक सुविधा पर आधारित है।
एम.डी. ठाकुर ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा खुज्जी विधानसभा के काग्रेसीयो में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो वे पहले इस विषय पर जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करें। अन्यथा शराब दुकानों को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाने और नैतिकता का पाठ पढ़ाने का उनका कोई अधिकार नहीं रह जाता। जनता जानना चाहती है कांग्रेस विधायक के परिवार की जमीन पर संचालित हो तो जिला काग्रेस संगठन मौन क्यों हो जाता है?




