मुंबई। अभिनेता रणवीर सिंह को ‘डॉन 3’ विवाद में बड़ी राहत मिली है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने उनके खिलाफ जारी असहयोग निर्देश को वापस लेने का फैसला किया है। यह कदम अभिनेता की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस के बाद उठाया गया।
बताया जा रहा है कि इस मामले में इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPA), प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (PGI) और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद FWICE ने अपना रुख बदलते हुए प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया।
FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा, “हमें बताया गया है कि हम सभी को निर्माताओं के निकाय के साथ बैठकर एक उचित निर्णय लेना चाहिए, जिससे न तो निर्माताओं और निर्देशकों को और न ही अभिनेता को किसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़े। आईएमपीए, प्रोड्यूसर्स गिल्ड और सीआईएनटीएए के अनुरोध के बाद हम तत्काल प्रभाव से अपना असहयोगी निर्देश वापस ले रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इस मामले में किसी की जीत या हार नहीं हुई है। हमारा कानूनी विभाग उनके कानूनी नोटिस का जवाब देगा।”
गौरतलब है कि रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग का निर्देश 25 मई को जारी किया गया था। यह कार्रवाई फरहान अख्तर और उनके प्रोडक्शन पार्टनर रितेश सिधवानी द्वारा इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) में की गई शिकायत के बाद हुई थी। बाद में यह मामला आगे की कार्रवाई के लिए FWICE को भेजा गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘डॉन 3’ का निर्माण पिछले तीन वर्षों से विभिन्न चरणों में चल रहा है और फिल्म की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। निर्माताओं का दावा है कि प्री-प्रोडक्शन पर 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
विवाद के दौरान रणवीर सिंह की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि अभिनेता फिल्म और उससे जुड़े सभी लोगों के लिए “गहरा सम्मान और सद्भावना” रखते हैं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले में सार्वजनिक रूप से चुप्पी बनाए रखी, ताकि पेशेवर और व्यक्तिगत संबंधों को सम्मानजनक तरीके से संभाला जा सके।





