छत्तीसगढ़

नौतपा की गर्मी से बेहाल हाथियों का झुंड पहुंचा तालाब, घुसरिया गांव में बढ़ी ग्रामीणों की चिंता

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में नौतपा की भीषण गर्मी का असर अब वन्य जीवों पर भी दिखाई देने लगा है। तेज गर्मी और हीटवेव से परेशान हाथियों का एक झुंड ठंडे पानी की तलाश में मरवाही वन मंडल के घुसरिया गांव पहुंच गया है। यहां जंगल के पास स्थित तालाब में हाथी रोज पहुंचकर पानी पी रहे हैं और घंटों नहाकर गर्मी से राहत ले रहे हैं।

वन विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश के अनूपपुर वन परिक्षेत्र से चार हाथियों का झुंड मरवाही वन मंडल में पहुंचा हुआ है। फिलहाल यह झुंड मरवाही वन मंडल के घुसरिया गांव के पास जंगल में डेरा डाले हुए है। तालाब में हाथियों के पानी पीने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

तालाब के आसपास किसानों के खेत भी मौजूद हैं। नहाने के बाद हाथियों का झुंड खेतों की तरफ पहुंच रहा है और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे ग्रामीणों और किसानों में चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि हाथियों ने उनकी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है और वे चाहते हैं कि जल्द ही इस झुंड को गांव से दूर किया जाए।

ग्रामीणों को इस बात का भी डर है कि कहीं हाथी गुस्से में आकर घरों को नुकसान न पहुंचा दें। वहीं वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

मरवाही वन परिक्षेत्र के रेंजर मुकेश साहू ने कहा, “हाथियों का दल पिछले दिनों मध्य प्रदेश के अनुपपुर जिले से जीपीएम जिले में दाखिल हुआ है। फिलहाल मरवाही वन मंडल के घुसरिया गांव के पास स्थित जंगल में ये झुंड मौजूद है। कक्ष क्रमांक 2051 में उसकी मौजूदगी है, अभी तक कोई भी जनहानि की खबर नहीं है। हाथियों ने किसानों के लगाए फसलों को जरूर नुकसान पहुंचाया है। नुकसान की भरपाई के लिए हम सर्वे कराकर प्रकरण तैयार कर रहे हैं।”

हाथियों की मौजूदगी की खबर मिलने के बाद कई लोग उन्हें देखने तालाब तक पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए वन विभाग ने लोगों को हाथियों से दूर रहने की चेतावनी दी है। विभाग की ओर से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी जा रही है।

वन विभाग ने बताया कि हाथियों की वजह से जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उनका सर्वे कराया जा रहा है। प्रभावित किसानों के लिए जल्द मुआवजा प्रकरण तैयार कर सहायता प्रदान की जाएगी।विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों को किसी भी तरह से परेशान न करें और उनकी गतिविधियों की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।

 

 

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts