रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों से पहले पेपर लीक को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक ओर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पेपर लीक की खबरों को खारिज किया है, वहीं PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
PCC चीफ दीपक बैज ने कहा, “पेपर लीक मामले में सरकार कन्फ्यूज है। एक तरफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री पेपर लीक नहीं होने की बात कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री किसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। कहीं इसमें बीजेपी नेता का कनेक्शन तो नहीं है।”
वहीं एनएसयूआई के विरोध पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, “पेपर लीक हुआ ही नहीं है तो किस बात का विरोध कर रहे।”
दीपक बैज ने अंबिकापुर के सीतापुर में चार आदिवासी बच्चियों में से दो बच्चियों के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “थाने में FIR हुआ है, जांच चल रही है। पूरे प्रदेश में इस तरह की घटनाएं हो रही। मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही। सरकार और पुलिस ऐसी घटना को रोकने में नाकाम है। इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।”
निराश्रित और वृद्धा पेंशन को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। बैज ने कहा, “राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति इतनी खराब है कि वृद्धा, निराश्रित पेंशन की राशि 4 से 5 माह की नहीं दी गई है। वृद्धा पेंशन और निराश्रित पेंशन की 500 की राशि भी नहीं दी जा रही।”
मेडिकल स्टोर जांच के आदेश पर उन्होंने कहा, “दवा व्यापारियों पर जबरन का दबाव बनाया जा रहा। सरकार को ऐसे आदेश तत्काल वापस लेना चाहिए।”
धान खरीदी और भंडारण को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाए। बैज ने कहा, “बारिश के बीच धान को बर्बाद करने खुले में छोड़ दिए हैं। 3100 रुपए में खरीदकर 2000 रुपए प्रति क्विंटल में सरकार नीलाम कर रही। सरकार ने भ्रष्टाचार के लिए नया तरीका निकाल लिया है।”
वहीं ‘सुशासन तिहार’ को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए ढोंग रचा जा रहा है। सरकार अच्छा काम करती तो सुशासन तिहार मनाने की जरूरत नहीं पड़ती। पिछली बार लाखों आवेदन आए उसका क्या हुआ, ये सिर्फ प्रोपेगेंडा है।”





