रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय खर्चों में कमी लाने और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को मितव्ययिता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने खर्च कम करने संबंधी मितव्ययिता आदेश जारी किया है।”
जारी निर्देशों के तहत अब सरकारी खर्चों पर कई स्तरों पर नियंत्रण रखा जाएगा। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, निगम-मंडलों और आयोगों के कारकेड में केवल जरूरी वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही विभागों को वाहनों के सीमित उपयोग और ईंधन खर्च कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था
राज्य सरकार ने अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारी अब साझा वाहन का उपयोग करेंगे, जिससे पेट्रोल और डीजल की खपत कम की जा सके। वहीं शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
विदेश यात्रा पर लगी रोक
सरकार ने शासकीय खर्च पर विदेश यात्राओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। अब केवल अत्यंत जरूरी परिस्थितियों में ही विदेश यात्रा की अनुमति दी जाएगी और इसके लिए मुख्यमंत्री की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी।
डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता
बैठकों और समीक्षा कार्यों में डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया गया है। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भौतिक बैठकें यथासंभव महीने में केवल एक बार आयोजित की जाएं, जबकि नियमित समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएं।
बिजली बचत और ई-ऑफिस पर जोर
ऊर्जा संरक्षण को लेकर भी सरकार ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। कार्यालय समय समाप्त होने के बाद लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद करना अनिवार्य किया गया है। सरकारी भवनों में बिजली की बर्बादी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा बैठकों में प्रिंटेड दस्तावेजों के बजाय पीडीएफ और पीपीटी जैसे डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यालयीन पत्राचार और फाइलों का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office प्रणाली के जरिए करने के निर्देश दिए गए हैं।
IGOT कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाने के निर्देश
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में होने वाले खर्च को कम करने के लिए IGOT कर्मयोगी पोर्टल के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने सभी विभागों से इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।





