नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित IPL मैच के दौरान दर्शकों से ओवरचार्जिंग और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने इस संबंध में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
संस्था के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने आरोप लगाया कि 10 मई को हुए मैच के दौरान RCB और BCCI से जुड़े वेंडर्स ने दर्शकों की मजबूरी का फायदा उठाया। पत्र में कहा गया, “42-43 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा कारणों से पानी अंदर ले जाने पर पाबंदी थी। जिसका लाभ उठाकर 20 रुपये की पानी की बोतल 100 रुपये में बेची गई। यही नहीं, 20 रुपये का समोसा 100 रुपये में और 15 रुपये की कोल्ड ड्रिंक भी 100 रुपये में बेची गई थी।”
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के डॉ. कुलदीप सोलंकी ने पत्र में गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा, “स्टेडियम के अंदर सारा सामान केवल ‘कैश’ में बेचा जा रहा है। ग्राहकों को कोई आधिकारिक रसीद (Bill) नहीं दी जा रही है, जो सीधे तौर पर भारी-भरकम जीएसटी (GST) चोरी का मामला है।”
“अनुमान है कि उक्त मैच को करीब 60000 लोगों ने देखा। एक ही मैच में लगभग 10 से 11 करोड़ का कारोबार हुआ है। जिसमें से लगभग 8 से 9 करोड़ रुपये की अवैध वसूली जनता की जेब से की गई है। अकेले पानी की बिक्री से ही 60 लाख रुपये वसूले जाने का अनुमान है।”
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने वित्त मंत्री से मांग की है कि जीएसटी कमिश्नर और संबंधित अधिकारियों के जरिए पूरे मामले की जांच कराई जाए। साथ ही 13 मई को होने वाले अगले मैच में ऐसी स्थिति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था की जाए।
संस्था ने अपने पत्र में कहा, “RCB और BCCI के वेंडरों द्वारा अवैध रूप से वसूली गई अतिरिक्त राशि को जुर्माने के साथ रिकवर कर ‘मुख्यमंत्री सहायता कोष’ में जमा कराया जाए।”
सिविल सोसायटी ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार जनता के हितों की रक्षा करते हुए मामले में कठोर कार्रवाई करेगी।





