कल्पना कीजिए एक ऐसे गांव की, जिसकी पहचान किसी मंदिर या ऐतिहासिक धरोहर से नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म से जुड़ गई हो। झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की विश्रामपुर पंचायत में स्थित एक छोटा सा गांव इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस गांव का असली नाम बहाहारा है, लेकिन अब इसे लोग इसके सरकारी नाम से कम और एक नए डिजिटल नाम से ज्यादा जानते हैं।
सड़क के एक घुमावदार मोड़ पर बड़ा सा बोर्ड लगा है, जिस पर लिखा है— “यूट्यूब मोड़ (YouTube Mod)”। यह नाम अब स्थानीय पहचान से आगे बढ़कर वायरल टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है।
कुछ साल पहले तक इस जगह को स्थानीय लोग “कानी मोड़” के नाम से जानते थे। यह नाम साधारण था और इसमें कोई खास पहचान नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे गांव के युवाओं को स्मार्टफोन और इंटरनेट मिला, उन्होंने इस जगह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डालनी शुरू कर दीं। धीरे-धीरे यह मोड़ इंटरनेट पर वायरल हो गया और युवाओं ने इसका नाम बदलकर “यूट्यूब मोड़” रख दिया।
गांव के लोग बताते हैं कि यह नाम किसी सरकारी घोषणा से नहीं, बल्कि लोगों की सोशल मीडिया क्रिएटिविटी से जुड़कर बना है।
गांव में खास बात यह है कि यहां कोई प्रोफेशनल कंटेंट क्रिएटर नहीं रहता, फिर भी यह जगह रील और वीडियो बनाने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। यहां से गुजरने वाले लोग बोर्ड देखकर रुक जाते हैं और वीडियो या फोटो बनाना नहीं भूलते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस डिजिटल पहचान ने उनके गांव को एक नई पहचान दी है, जिससे वे भी काफी खुश हैं।





