भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2026 के दौरान ‘स्कूल चले अभियान-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की सुविधा के लिए अगले 3 से 4 महीनों में 4 लाख साइकिलों का वितरण किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को किताबें, गणवेश की राशि और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रॉपआउट की स्थिति को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जो शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि शासकीय विद्यालयों में यह बढ़ोतरी 32.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस वर्ष के लिए 1 करोड़ 45 लाख नामांकन का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत 49 नई हिंदी किताबें तैयार कर 69 जनजातीय क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1913 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 95 हजार है। अनुसूचित जाति के 25,439 विद्यालयों में लगभग 20 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब तक55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म वितरित की जा चुकी है। वर्ष 2024-25 में 99,710 और 2025-26 में 94,306 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए। 75% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की प्रतिबद्धता। इस वर्ष के बजट में ₹250 करोड़ का प्रावधान कर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी देने की योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 76,325 शिक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सांदीपनि विद्यालय और पीएम श्री स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि हर बच्चा स्कूल आए, पढ़े-लिखे और अपने जीवन में आगे बढ़े।” प्रदेश के 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों में इस अभियान के माध्यम से बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।





