पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से दुबई समेत कई शहरों में कामकाज धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है. ऐसे में बड़ी संख्या में भारतीयों को वापस अपने काम पर लौटने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन इस बीच फ्लाइट किराए में भारी उछाल ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. टाइम्स नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक, दिल्ली से दुबई जाने वाली इकोनॉमी क्लास की एकतरफा फ्लाइट का किराया कम से कम 50,000 रुपये से शुरू हो रहा है. वहीं, औसतन किराया 85,000 से 90,000 रुपये के बीच पहुंच गया है, जो 5 अप्रैल तक इसी स्तर पर बना रह सकता है. इसके बाद किराए में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है.
भारतीय एयरलाइंस की कुछ फ्लाइट्स सस्ती हैं, जिनका किराया करीब 40,000 रुपये से शुरू हो रहा है. हालांकि, सीमित ऑप्शन और कम उड़ानों की वजह से अधिकांश लोग महंगी फ्लाइट्स लेने को मजबूर हैं. ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने विदेशी एयरलाइंस की उड़ानों की संख्या सीमित कर दी है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में यात्री एमिरेट्स एयरलाइन का सहारा ले रहे हैं, जहां किराए काफी ज्यादा हैं. एमिरेट्स की लो-कॉस्ट एयरलाइन फ्लाईदुबई में टिकट थोड़े सस्ते मिल रहे हैं, जिनकी शुरुआती कीमत 35,000 से 40,000 रुपये है.
काम पर लौटने का दबाव
इसके अलावा एक अन्य सस्ता ऑप्शन भी सामने आया है. यात्री इंडिगो की फ्लाइट से अबू धाबी तक जा सकते हैं और वहां से सड़क मार्ग के जरिए दुबई पहुंच सकते हैं. इस विकल्प में हवाई किराया करीब 30,000 रुपये तक पड़ता है, जो मौजूदा समय में सबसे किफायती माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि कई भारतीय 28 फरवरी के बाद अपने परिवार जैसे माता-पिता, बच्चे और वर्किंग कपल्स को भारत भेज चुके थे. अब कंपनियां कर्मचारियों को वापस बुला रही हैं, जिससे उन पर जल्द लौटने का दबाव है.




