छत्तीसगढ़

गोधूली बेला बिमल सकल सुमंगल मूल -राजेश्री महन्त जी

*श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए महामंडलेश्वर*

महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज राहौद के निकट स्थित ग्राम पकरिया में देवांगन परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण यज्ञ में सम्मिलित हुए। ग्राम वासियों ने बहुत ही आत्मियता पूर्वक भजन -कीर्तन व आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया। व्यास पीठ पर विराजित आचार्य जी का राजेश्री महन्त जी ने शाल – श्रीफल से सम्मान किया, आचार्य जी ने भी सादर अभिवादन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि- ईश्वर की कृपा से इस तरह के आध्यात्मिक आयोजन संपन्न होते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि *आप लोगों ने अपने जिन पूर्वजों के मोक्षार्थ इस ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया है वे प्रसन्न होकर आपको निश्चित ही आशीर्वाद प्रदान कर रहे होंगे*। मनुष्य को अपने जीवन में निरंतर अच्छे से अच्छा कार्य करना चाहिए। गौ माता को उन्होंने विश्व की माता निरूपित करते हुए कहा कि *प्रत्येक परिवार को अपने यहां गौपालन निश्चित रूप से करना चाहिए। गौ माता से ही हमें पंचगव्य की प्राप्ति होती है*। गोधूलि बेला के संदर्भ में उन्होंने श्रीरामचरितमानस की चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा कि – *गोधूलि बेला बिमल सकल सुमंगल मूल* अर्थात गोधूलि बेला संसार के समस्त मांगलिक कार्यों को पूर्ण करने वाली है इस समय किया गया प्रत्येक कार्य सिद्ध होता ही है। व्यास पीठ से आचार्य अनिल शुक्ल जी ने कहा कि – *जिस यज्ञ में संतों की चरण धूलि पड़ जाती है वह यज्ञ पूर्ण हो जाता है* इस अवसर पर विशेष रूप से मुख्तियार सुखराम दास जी, पन्नालाल देवांगन, बलराम देवांगन, वेदराम वर्मा, रामानुज निर्मलकर, पोथीराम साहू, ईश्वरलाल साहू, परमेश्वर सायतोण्डे, देवनारायण देवांगन, पुरेंद्र सोनी, खगेश वर्मा, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे।

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