छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम पर जमीन रजिस्ट्री होगी अब आधी कीमत पर

छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब महिलाओं के नाम पर होने वाली जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से महिलाओं को अधिक भार नहीं पड़ेगा और उन्हें संपत्ति में अधिक अधिकार मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से हर साल लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। इससे महिलाओं की भागीदारी और बढ़ेगी। इसे एक सकारात्मक निवेश के रूप में देखा जा रहा है। यह वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी। जिससे महिलाओं को आर्थिक लाभ मिलेगा।

इस निर्णय से एक करोड़ रुपये की संपत्ति पर पहले पुरुषों को लगभग 10.6 लाख रुपये खर्च करने पड़ते है। जिसमें 6.6 लाख रुपये स्टांप ड्यूटी और 4 लाख रुपये पंजीयन शुल्क शामिल है। वहीं महिलाओं को पहले करीब 9.48 लाख रुपये खर्च करना पड़ता था। लेकिन अब पंजीयन शुल्क आधा होने से यह खर्च घटकर लगभग 7.48 लाख रुपये रह जाएगा। यानी महिलाओं को एक करोड़ की संपत्ति पर करीब 3.12 लाख रुपये तक की सीधी बचत होगी। इससे महिलाओं के लिए संपत्ति खरीदना सस्ता और आसान हो जाएगा। जिससे वे अधिक संख्या में अपने नाम पर संपत्ति दर्ज कराने के लिए आगे आएंगी।

इस फैसले का गरियाबंद जिले के ग्राम कपसीडीह टेका के किसान हेमकुमार साहू ने इसे आमजनों और किसानों के लिए राहतकारी बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं की संपत्ति में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित होगी और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अब प्रॉपर्टी खरीदना सस्ता हुआ है और महिलाओं को कानूनी अधिकार के साथ आर्थिक मजबूती भी मिलेगी। इस निर्णय से महिलाओं की सामाजिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड और गुजरात के बाद इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts