रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद, कानून व्यवस्था और महंगाई को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के नक्सलवाद खत्म करने के दावों का स्वागत तो किया है, लेकिन इसके साथ ही कई गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।
दीपक बैज ने कहा, “अगर सच में नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है तो क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि मार्च के बाद प्रदेश में कोई नक्सली घटना नहीं होगी. किसी कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या नहीं होगी और किसी निर्दोष को फर्जी नक्सली बताकर जेल नहीं भेजा जाएगा या एनकाउंटर नहीं किया जाएगा.”
उन्होंने आगे कहा, “क्या सरकार यह भरोसा देगी कि प्रदेश के खनिज संसाधनों को निजी हाथों में नहीं बेचा जाएगा.”
अफीम की खेती को लेकर कांग्रेस के आरोप
प्रदेश में अवैध अफीम की खेती को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मुद्दे पर दीपक बैज ने कहा, “कभी धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ को अब अफीम का कटोरा बनाया जा रहा है.”
बस्तर में शांति की गारंटी मांगी
नक्सलवाद के मुद्दे पर बयान देते हुए दीपक बैज ने कहा, “साल 2016 से ही सरकारें नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन देती रही हैं. ऐसे में अगर इस बार सच में नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है तो कांग्रेस इसका स्वागत करती है, क्योंकि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांति आना बेहद जरूरी है.”
इसके साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा, “क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि मार्च के बाद प्रदेश में कोई नक्सली घटना नहीं होगी और किसी राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या नहीं होगी.”
उन्होंने यह भी पूछा, “क्या निर्दोष लोगों को फर्जी नक्सली बताकर जेल भेजने या एनकाउंटर करने जैसी घटनाएं पूरी तरह बंद हो जाएंगी.”
गैस सिलेंडर की कीमत और किल्लत पर भी निशाना
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और प्रदेश में गैस की कमी को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। दीपक बैज ने कहा, “सरकार दावा कर रही है कि पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद एजेंसियों में सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि इसका असर आम परिवारों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ रहा है और कई जगहों पर कामकाज प्रभावित हो रहा है।
17 मार्च को विधानसभा घेराव का ऐलान
इन सभी मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का रास्ता चुना है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत 17 मार्च को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
कांग्रेस का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।





