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परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी की छात्रों को सलाह, बोले– सस्ते इंटरनेट में समय न गंवाएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान देशभर के छात्रों से संवाद किया और पढ़ाई के साथ-साथ इंटरनेट और ऑनलाइन गेमिंग को लेकर अहम सुझाव दिए। उन्होंने छात्रों को आगाह करते हुए कहा कि भारत में इंटरनेट सस्ता है, सिर्फ इसलिए अपना समय बर्बाद न करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन गेमिंग पर बात करते हुए कहा कि, “गेमिंग में अगर रुचि है तो अच्छी चीज है, इसमें कभी संकोच नहीं कीजिए, लेकिन भारत में इंटरनेट सस्ता है, इसलिए समय बर्बाद न करें। मैंने सट्टेबाजी के खिलाफ कानून बनाया है। हम सट्टेबाजी नहीं होने देंगे। लेकिन गेमिंग एक कौशल है। इसमें स्पीड भी शामिल होती है, इसलिए यह आपके विकास के लिए अच्छा है। लेकिन सबसे अच्छी गुणवत्ता के गेम को चुनकर अपनी विशेषज्ञता खोजने की कोशिश करें।”

छात्रों के सपनों से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि “सपने न देखना अपराध है, सपने देखने ही चाहिए, लेकिन सपनों को गुनगुनाते रहना, कभी काम नहीं आता। इसलिए, जीवन में कर्म को प्रधान बनाना चाहिए। आप जहां हैं, वहां आपको सफल होना है, तभी आगे जाएंगे। अगर आपको अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना है तो आपको उसके बारे में पढ़ना-जानना होगा। टीवी पर उसका खास कार्यक्रम देखना चाहिए। तब विचार आपका पनपेगा। सपने लोगों को न बताएं, लेकिन लिखकर रखें।”

एक अन्य सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि हर चीज में संतुलन होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि, अगर संतुलन नहीं होगा तो एक तरफ झुककर गिरने का डर है। उन्होंने कहा कि, जीवन कौशल और प्रोफेशनल कौशल, दोनों चीजों पर ध्यान देना जरूरी है और कौशल की शुरुआत ज्ञान से होती है।

बता दें इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ का यह नौवां संस्करण है, जिसमें रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। करीब 45 लाख छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है।

कार्यक्रम के दौरान इंटरनेट और ऑनलाइन गेमिंग का मुद्दा खास तौर पर चर्चा में रहा। पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ में गेमिंग कौशल पर बात कर उस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया, जिसमें बच्चे इसका अत्यधिक शिकार हैं। पिछले दिनों गाजियाबाद में 3 नाबालिग बहने ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में नौवीं मंजिल से कूदी थीं। इसी तरह, 2019 में, दुनियाभर में ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ में कई बच्चों की जान गई। जिसके चलते दुनिया के कई देश बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठा रहे हैं। हाल में ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, ग्रीस, फ्रांस समेत तमाम देश 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लगा रहे हैं।

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