उत्तर प्रदेश में रेल यात्रा जल्द ही नई ऊंचाइयों पर पहुंचने वाली है। दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के साथ ही लखनऊ, कानपुर और आसपास के शहरों के लिए तेज और सुविधाजनक सफर की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इस कॉरिडोर पर चलने वाली बुलेट ट्रेन की रफ्तार 300 किमी प्रति घंटे तक होगी, जिससे लखनऊ से दिल्ली का करीब 490 किमी का सफर मात्र दो घंटे में और लखनऊ से वाराणसी की दूरी सिर्फ एक घंटे में तय की जा सकेगी।
केंद्र सरकार ने बजट में देशभर में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। इनमें दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए खास माने जा रहे हैं। इन कॉरिडोर के जरिए गाजियाबाद, मुरादाबाद, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहर जुड़ सकते हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली से वाराणसी के बीच बनने वाला हाईस्पीड कॉरिडोर लखनऊ होकर गुजरने की संभावना अधिक है। इसके पूरा होने पर यात्री सुबह दिल्ली जाकर शाम को लखनऊ लौट सकेंगे। समय की बचत के साथ-साथ यात्रा का अनुभव भी काफी आरामदायक होगा।
किराये की बात करें तो बुलेट ट्रेन का किराया विमान की तरह तय किया जाएगा। लखनऊ से दिल्ली का अनुमानित किराया लगभग 5,000 रुपये हो सकता है, जिसमें फ्लेक्सी प्राइसिंग लागू रहने की संभावना है। हालांकि, विमान यात्रा में लगने वाले अतिरिक्त समय की तुलना में बुलेट ट्रेन ज्यादा सुविधाजनक मानी जा रही है।
दिल्ली–वाराणसी (करीब 790 किमी) और वाराणसी–सिलीगुड़ी (करीब 720 किमी) कॉरिडोर को मिलाकर कुल लंबाई लगभग 1500 किमी होगी। इस मेगा प्रोजेक्ट पर करीब ढाई लाख करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।





