अहमदाबाद। मकर संक्रांति के मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तरायण के उत्साह में रंगे नजर आए। बुधवार को उन्होंने अपने परिवार और नारनपुरा क्षेत्र के स्थानीय लोगों व कार्यकर्ताओं के साथ पतंगबाजी कर पर्व का आनंद लिया। गुजरात में मकर संक्रांति को ‘उत्तरायण’ कहा जाता है और अमित शाह हर साल अपने कार्यकर्ताओं के साथ यह त्योहार अपने क्षेत्र में मनाते हैं—इस परंपरा को उन्होंने इस बार भी निभाया।
अमित शाह अपने मतक्षेत्र के एक कार्यकर्ता के घर पहुंचे, जहां पारंपरिक उल्लास के साथ उत्तरायण मनाई गई। पतंग उड़ाते हुए उन्होंने तीन पतंगें काटीं, जिस पर मौजूद लोगों में खासा जोश और तालियों की गूंज सुनाई दी। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और संगठन के लिए निरंतर समर्पित भाव से काम करने का संदेश दिया। साथ ही सभी को उत्तरायण की शुभकामनाएं दीं।
इससे पहले अमित शाह ने परिवार संग जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर में दर्शन किए और गौ माता की पूजा भी की। शाह ने अपनी पत्नी सोनलबेन और बेटे जय शाह के साथ मकर संक्रांति के रीति-रिवाजों के तहत मंदिर में एक गाय को चारा भी खिलाया। बाद में वे परिवार के साथ नारनपुरा पहुंचे, जो गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में आता है।
गौरतलब है कि अमित शाह 13 जनवरी से गुजरात दौरे पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने गांधीनगर स्थित गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर में बीएसएल-चार बायो-कंटेनमेंट फैसिलिटी का शिलान्यास किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। अपने संबोधन में अमित शाह ने इसे स्वास्थ्य सुरक्षा, बायोसेफ्टी और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के बाद देश की दूसरी हाई-लेवल लैब है, ये किसी राज्य सरकार द्वारा स्थापित की गई पहली ऐसी लैब है।





