पर्यटन नगरी खजुराहो के खर्रोही क्षेत्र में 17 एकड़ में एक खास विरासत वन विकसित किया जा रहा है। यह सिर्फ हरियाली बढ़ाने की पहल नहीं है, बल्कि बच्चों और पर्यटकों के लिए प्रकृति, पर्यावरण और विरासत को समझने का एक जीवंत सीख केंद्र होगा। यहां घूमते हुए बच्चे जंगल, पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के बारे में खुद-ब-खुद जानकारी हासिल कर सकेंगे।
क्यूआर कोड से मिलेगी डिजिटल जानकारी
विरासत वन में एक अनोखा प्रयोग किया जा रहा है। पेड़ों और प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिन्हें स्कैन करते ही संबंधित वेबसाइट खुलेगी। इसके जरिए बच्चे और पर्यटक उस पेड़, पौधे या जीव-जंतु की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में देख और पढ़ सकेंगे।
बंगाल के कलाकार दे रहे हैं मूर्तियों को आकार
वन में जंगल के जानवरों की जीवित मूर्तियां भी स्थापित किया जाएगा। इन मूर्तियों को बंगाल से आए कलाकार अंतिम रूप दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस कार्य का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।
बंजर जमीन से हरित क्षेत्र तक का सफर
वन विभाग द्वारा कभी बंजर रही इस जमीन को हरित रूप दिया गया है। विरासत वन में 200 से अधिक प्रजातियों के 25 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। यहां नवग्रह वन, नक्षत्र वन, सप्तऋषि वन, लक्ष्मी वन, औषधीय वन और जैव विविधता वन जैसे अलग-अलग थीम आधारित वन विकसित किए गए हैं।
यह विरासत वन आने वाले समय में खजुराहो के पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए सीखने का एक अनूठा स्थल बनेगा।




