हवाई यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने उड़ान के दौरान पावर बैंक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब यात्री विमान में मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए पावर बैंक का उपयोग नहीं कर सकेंगे, चाहे वह सीट पर लगे पावर आउटलेट के माध्यम से ही क्यों न हो।
DGCA का यह फैसला दुनियाभर में लिथियम बैटरी के अधिक गर्म होने, धुआं निकलने और आग लगने की बढ़ती घटनाओं के बाद लिया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।
नियमों में क्या बदला गया है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले एयरलाइंस को पावर बैंक को लेकर केबिन में केवल घोषणाएं करने के निर्देश थे, लेकिन अब नियम सख्त कर दिए गए हैं। पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरियां सिर्फ हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति होगी, उन्हें ओवरहेड बिन में रखने की मनाही है। साथ ही, एयरलाइन द्वारा उपलब्ध सीट पावर सप्लाई सिस्टम में पावर बैंक लगाकर चार्ज करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश
अगर किसी डिवाइस या बैटरी के गर्म होने, धुआं निकलने या अजीब गंध आने जैसी स्थिति बनती है, तो यात्रियों को तुरंत केबिन क्रू को सूचना देनी होगी। शॉर्ट-सर्किट से बचाव के लिए बैटरियों को प्लास्टिक बैग में रखने, टर्मिनल को टेप या कवर करने और सुरक्षात्मक कवर इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। किसी भी बैटरी से जुड़ी सुरक्षा घटना की जानकारी DGCA को देना अनिवार्य होगा।





