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LIVE: काठमांडू में त्रिभुवन एयरपोर्ट बंद, 2500 भारतीय फंसे, चप्‍पे-चप्‍पे पर सेना तैनात

पड़ोसी देश नेपाल में सरकार ने सोशल मीडिया को बैन कर दिया था. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को शायद इसका अंदाजा भी नहीं होगा कि उनके इस कदम का परिणाम कितना भयानक होने वाला है. ओली सरकार के इस कदम से युवाओं में विरोध की चिंगारी इस कदर भड़की कि इसकी आग में केपी ओली की कुर्सी भी जल गई. मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ Gen Z का गुस्‍सा इस कदर भड़का कि इसमें संसद भवन तक जलकर खाक हो गया. हिंसक विरोध के बाद अब नेपाल की सेना अब एक्‍शन में आ गई है. हर तरफ सेना के जवान तैनात हैं और आमलोगों खासकर युवाओं से संयम बरतने और बातचीत के टेबल पर आने का आग्रह किया है.
नेपाल में मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा सिक्योरिटी एलर्ट जारी किया गया है. भारत-नेपाल बॉर्डर पर लगातार चौकसी रखी जा रही है. नेपाल में जारी हिंसा की आड़ में भारत के सीमावर्ती इलाकों में उपद्रवियों की ओर से हिंसा फैलाने की आशंका है. इसे देखते हुए सुरक्षाबलों को चौकस रहने की हिदायत दी गई है. बॉर्डर पर जो सिक्योरिटी फ़ोर्स तैनात हैं, उनमें UP पुलिस, बिहार पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के जवान शामिल हैं. सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को भेजे गए अलर्ट में कहा गया है कि नेपाल के मौजूदा हालात को लेकर सतर्क रहें. उपद्रवकारी लोगों को भड़का सकते हैं. पब्लिक प्रॉपर्टी नुक़सान पहुंचा सकते हैं, लिहाजा सतर्कता बरती जाए.

नेपाल में गरीबी और बेरोजगारी
उधर, नेपाल के राजनीतिक हालात पर नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. केआई सिंह के पोते यशवंत शाह ने कहा कि 8 सितंबर को राजधानी में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था. इसमें कोई राजनीतिक दल शामिल नहीं था. इसका आह्वान स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस नामक छात्र संगठन ने किया था. उन्‍होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 12000 लोग जुटे थे. विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया. उन्‍होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. देश लंबे समय से भ्रष्टाचार से जूझ रहा है. यशवंत शाह ने कहा कि अच्छे पर्यटन और कारोबार के बावजूद यहां भारी गरीबी और बेरोजगारी है.

नेपाल की सत्‍ता किसके हाथ…आर्मी ने आमलोगों के लिए जारी की अपील
नेपाली सेना ने राजधानी काठमांडू को अपने सुरक्षा घेरे में लेना शुरू कर दिया है. मंगलवार को दिनभर में कई सरकारी इमारतों को लूटा या नष्ट कर दिया गया. नई अंतरिम सरकार अभी तक नहीं चुनी गई है और कोई भी पूरी तरह से निश्चित नहीं है कि देश में अब सत्ता किसके हाथ में है. वहीं, आर्मी ने युवाओं और अन्‍य आमलोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेंगे राष्‍ट्रपति, सेना के अफसर भी रहेंगे मौजूद
नेपाल में हिंसा को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. राष्‍ट्रपति प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेंगे. सेना की मौजूदगी में छात्रों से मुलाकात होगी. दूसरी तरफ, बताया जा रहा है कि नेपाल में आंदोलनकारी युवाओं और सेना के बीच मध्‍यरात्रि में सैन्‍य मुख्‍यालय में बातचीत हुई. सूत्रों के अनुसार, आंदोलनकारी युवाओं के विभिन्‍न समूहों के प्रतिनिध‍ियों ने देर रात सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल से मुलाकात की और अपने मुद्दे उनके समक्ष रखे.

त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद
नेपाल की राजधानी काठमांडू जल रहा है. Gen Z के हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बाद नेशन कैपिटल की सुरक्षा काफी सख्‍त कर दी गई है. चप्‍पे-चप्‍पे पर आर्मी को तैनात किया गया है. वहीं, हालात को देखते हुए त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सभी अंतरराष्‍ट्रीय और डोमेस्टिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया है. एयरपोर्ट को 10 सितंबर 2025 दोपहर 12 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है.

नेपाली आर्मी का एक्‍शन, अब तक 26 गिरफ्तार
नेपाल सेना ने लूटपाट की गतिविधियों में शामिल 26 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. नेपाली सेना ने मंगलवार रात से लूटपाट की गतिविधियों में शामिल 26 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. बता दें कि Gen Z के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद पीएम केपी शर्मा ओली को कुर्सी छोड़नी पड़ी है.

नेपाल की राजधानी में कर्फ्यू, आर्मी का आदेश- बाहर न निकलें
9 सितंबर 2025 के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद 10 सितंबर का दिन शांत रहा. सड़कों पर शांति दिखी. आर्मी ने आमलोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है. अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू रहेगा. कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच नेपाली प्रधानमंत्री ओली ने 9 सितंबर को इस्तीफा दे दिया.

Gen Z की पुकार – हमें नया नेता चाह‍िए
नेपाल में सोशल मीडिया साइट्स को बंद करने के खिलाफ Gen Z यानी युवाओं ने ऐसा विरोध प्रदर्शन किया कि पड़ोसी देश में तख्‍ता पलट हो गया. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कुर्सी छोड़नी पड़ी. वह जान बचाने के लिए सुरक्षाबलों के भरोसे हैं. वहीं, Gen Z ने कहा कि हमारे देश से भ्रष्टाचारी नेता भाग गए, अब हमें नया नेता चाहिए.

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