छत्तीसगढ़

अक्षय नवमी का त्यौहार संपन्न श्री शिवरीनारायण मठ में

महानदी के त्रिवेणी संगम तट पर युग- युगांतर से विराजित भगवान श्री शिवरीनारायण की पावन धारा में आंवला नवमी का त्यौहार श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाया गया । रात्रि 8:00 बजे श्रद्धालु भक्तजन श्री शिवरीनारायण मठ पहुंचे यहां आंवला वृक्ष के नीचे भगवान लक्ष्मी नारायण जी की विधिवत पूजा अर्चना की गई, “ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट क्षण में दूर करे ।। आरती संपन्न होने के पश्चात सभी श्रद्धालु भक्तों ने भगवान का भोग प्रसाद प्राप्त किया। आंवला नवमी के संदर्भ में महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने बताया कि- आंवला नवमी को अक्षय नवमी के नाम से भी जाना जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन माता लक्ष्मी ने भगवान श्री हरि एवं भगवान शिव की आराधना पूजन की थी इसलिए इस व्रत का बहुत महत्व है। श्रद्धा भक्ति एवं विश्वास पूर्वक इस व्रत को करने से श्री हरि एवं हर दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती है। इस वर्ष यह पर्व हर वर्ष की तरह हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया श्रद्धालु भक्तों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भोजन प्रसाद प्राप्त कर अपना जीवन धन्य बनाया। राजेश्री महन्त जी महाराज ने समस्त प्राणी जगत के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर विशेष रूप से मठ मंदिर के ट्रस्ट कमेटी के सदस्य बृजेश केसरवानी, राघवेंद्र प्रताप सिंह, हेमंत दुबे श्रीमती पल्लवी दुबे, मुख्तियार सुखराम दास जी, श्रीमती रीना तिवारी, जगदीश मंदिर के पुजारी श्री त्यागी जी महाराज, राम जानकी मंदिर के पुजारी श्री नागा जी महाराज, वीरेंद्र तिवारी, पूर्णेन्द्र तिवारी, निरंजन अग्रवाल, योगेश शर्मा, कमलेश सिंह, देवालाल सोनी, अशोक शर्मा, श्रीमती भारती शर्मा, शरद पांडे, राजेश भट्ट, पिंटू भट्ट, ज्ञानेश शर्मा,राजू महाराज, प्रतीक शुक्ला,केशव नारायण सोनी ,देव केसरवानी, बुद्धेश्वर केसरवानी, पुरेंद्र सोनी, धन्नू साहू, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे।

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