छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए बॉयलर ब्लास्ट ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस दुर्घटना में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से चार गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के इलाज की जिम्मेदारी लेने और मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर भी सहमति बनी है।
अस्पताल में इलाज के दौरान एक और मजदूर की मौत हो गई, जिससे मृतकों का आंकड़ा 14 हो गया। वहीं 26 से अधिक घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुआ, जब अचानक बॉयलर फटने से तेज विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद परिजनों और मजदूरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने प्लांट के बाहर एम्बुलेंस रोककर घायलों को दिखाने की मांग की और नारेबाजी की। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्लांट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है.” उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए मृतक श्रमिकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही सभी घायलों के नि:शुल्क और बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं।





