तुस्मा, खरौद, नवागढ़, पीथमपुर सहित अनेक शिवालयों में जलाभिषेक के लिए उपस्थित हुए महामंडलेश्वर
महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री दूधाधारी मठ रायपुर एवं श्री शिवरीनारायण मठ श्रावण मास के प्रथम सोमवार को जांजगीर -चांपा जिले के अनेक स्थानों पर शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन पूजन के लिए उपस्थित हुए, उन्होंने भगवान शिव जी का दर्शन तो किया ही साथ ही जलाभिषेक के उपरांत लोगों से सौजन्य भेंट -मुलाकात भी की, और अपने संदेश में कहा कि -भगवान भोलेनाथ देवताओं के भी देवता हैं इसलिए उन्हें महादेव कहा गया है, वे सामान्य पूजा -अर्चना से भी अत्यधिक प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। निश्चल भाव से की गई पूजा -अर्चना से शिवाजी अति शीघ्र हर्षित हो जाते हैं। श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने लिखा है कि – *बिनु छल विश्वनाथ पद नेहू। राम भगत कर लच्छन एहू।।* अर्थात बिना छल कपट के भगवान शिव के चरणों में प्रेम होना भगवान रघुनाथ जी की भक्ति का लक्षण है। प्रथम सोमवार को राजेश्री महन्त जी महाराज ने श्री चंद्रचूड़ महादेव शिवरीनारायण, लक्ष्मणेश्वर महादेव खरौद, जोद्गीर बाबा तुस्मा, किरितेश्वर महादेव किरित,लिंगेश्वर महादेव नवागढ़, बाबा कालेश्वर नाथ पीथमपुर, सहित तुर्रीधाम, ओड़ेकेरा तथा बरगड़ी में विराजित भगवान श्री सिद्धेश्वर नाथ जी का दर्शन पूजन कर संपूर्ण राष्ट्र के कल्याण की कामनाएं की। शिव दर्शन के इस कार्यक्रम में त्यागी जी महाराज, सुखराम दास, सुबोध शुक्ला, गोविंद यादव, शिवकुमार साहू, भुवनेश्वर दास वैष्णव,दिलहरण दास वैष्णव, गजेंद्र दास वैष्णव, पंडित रामचंद्रा, बसंत पवार, संतोष साहू, भुवनेश्वर केसरवानी, भूपेन्द्र साहू, सुरेश जयसवाल, अमर सिंह बनाफर, बोधसाय चंद्रा, मयंक दीवान, प्रीतम वैष्णव, दीपक जायसवाल, गेंदुराम आदित्य, पुरेंद्र सोनी, खगेश वर्मा, हर्ष दुबे, राहुल मिश्रा, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव,सहित अनेक प्रतिष्ठित नगरीक गण सम्मिलित हुए।




