छत्तीसगढ़

राष्ट्रपति भवन में गूंजा बस्तर का गौरव, पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा राष्ट्रपति भवन में बस्तर के जनजातीय प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत और सम्मान देश की समृद्ध आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का सशक्त संदेश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा स्वयं अतिथियों का स्वागत करना और उन्हें भोजन परोसकर सम्मानित करना भारतीय संस्कृति की आत्मीयता और जनजातीय समाज के प्रति आदर का अनुपम उदाहरण है।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा, ‘राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की पारंपरिक जनजातीय संस्कृति, वेशभूषा, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत का ऐसा भव्य स्वरूप देखने को मिला। यह केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करना बस्तर की सांस्कृतिक पहचान के लिए अत्यंत सम्मानजनक है। इससे प्रदेश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन पहुँचना और बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा ‘झिटकू-मिटकी’ पर आधारित कलाकृति राष्ट्रपति को भेंट करना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बस्तर की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराएं और सामाजिक जीवन हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से प्रदेश के कलाकारों, जनजातीय समाज और युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बस्तर पंडुम-2026 के सभी विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनजातीय प्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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