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थलापति विजय का सपना चकनाचूर! NDA से अलग हो सकती है AIADMK, स्टालिन के बेटे ने किया खेला

तमिलनाडु की राजनीति इस वक्त ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां हर घंटे सत्ता का गणित बदलता नजर आ रहा है. अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी, लेकिन सत्ता की कुर्सी अब भी उनसे दूर दिखाई दे रही है. अब जो संकेत सामने आ रहे हैं, वे विजय के मुख्यमंत्री बनने के सपने को बड़ा झटका दे सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक AIADMK एनडीए से अलग होने का विकल्प तलाश रही है. माना जा रहा है कि अगर ऐसा हुआ तो एम के स्टालिन की डीएमके बाहर से AIADMK को समर्थन देकर सत्ता का नया समीकरण बना सकती है.

टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया, लेकिन बहुमत से पांच सीट दूर रह गई. कांग्रेस ने जरूर समर्थन दिया, लेकिन उसके बाद भी विजय के पास जरूरी संख्या नहीं पहुंच सकी. ऐसे में अब भाकपा, माकपा और वीसीके जैसे छोटे दल किंगमेकर बन गए हैं. लेकिन, सबसे बड़ा झटका तब लगा जब राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय की सरकार बनाने की मांग फिर ठुकरा दी. राजभवन का कहना है कि टीवीके अभी बहुमत साबित करने की स्थिति में नहीं है.

सूत्रों के मुताबिक AIADMK के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर विजय सत्ता तक पहुंचने में नाकाम रहते हैं तो पार्टी NDA छोड़ सकती है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण डीएमके का संभावित रुख बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि अगर AIADMK भाजपा से नाता तोड़ती है, तभी डीएमके उसके लिए बाहर से समर्थन पर विचार कर सकती है. तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा अब भी सीमित ताकत मानी जाती है. ऐसे में द्रविड़ दलों के लिए भाजपा के साथ खुलकर खड़ा होना राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है. यही वजह है कि AIADMK अब नई रणनीति पर विचार करती दिख रही है.

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