मेहनत, हुनर और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो जिंदगी की तस्वीर बदलते देर नहीं लगती। कोरबा जिले के अजय कुमार देवांगन की कहानी इसका उदाहरण है। पारंपरिक सिलाई-कढ़ाई में दक्ष अजय संसाधनों और आधुनिक तकनीकों की कमी के कारण अपने व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे। आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी, लेकिन पीएम विश्वकर्मा योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दे दी।
अजय ने योजना के तहत सात दिवसीय बेसिक टेलर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें चार हजार रुपये की सहायताराशि और एक लाख रुपये तक का बिना गारंटर ऋण मिला। इससे उन्होंने अपने व्यवसाय को व्यवस्थित करना शुरू किया। बेहतर प्रदर्शन के कारण लाइवलीहुड कॉलेज कोरबा ने उन्हें 15 दिवसीय उन्नत प्रशिक्षण के लिए चुना, जहां उन्होंने आधुनिक सिलाई तकनीक, फैब्रिक कटिंग और नए डिजाइन तैयार करना सीखा।
प्रशिक्षण के बाद अजय का आत्मविश्वास बढ़ा और उनके काम की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया। अब वे आधुनिक फैशन के अनुरूप परिधान तैयार कर रहे हैं। ग्राहकों का भरोसा बढ़ने से उनकी आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है। अजय आज जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।




