मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच भले ही सीजफायर हो गई हो लेकिन फिर भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर चिंता बनी हुई है. इसी बाच आईएमएफ यानी इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने की तरफ से भी बड़ी चेतावनी आ गई है. आईएमएफ का कहना है कि बढ़ती महंगाई और मध्य पूर्व में लंबे समय तक चल रहा तनाव ग्लोबल इकोनॉमी को नुकसान पहुंचा सकता है.
अगर यह युद्ध 2027 तक जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाती हैं, तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं. IMF की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा है कि पहले जो अनुमान लगाया गया था कि युद्ध जल्दी खत्म होगा और ग्लोबल ग्रोथ 3.1% और महंगाई 4.4% रहेगी. जबकि ऐसा होते हुए नजर नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं और पुराना अनुमान अब पीछे छूट चुका है. अगर मिडिल ईस्ट टेंशन लंबा चलता है, तो ग्लोबल इकोनॉमी पर और ज्यादा दबाव पड़ सकता है और ग्रोथ रेट भी घट सकती है.
तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ने की आहट
IMF की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि तेल की कीमतें पहले ही 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा रही हैं और महंगाई का दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में IMF का ‘खराब स्थिति वाला अनुमान’ अब बेसलाइन बनता दिख रहा है, जिसमें 2026 तक ग्लोबल ग्रोथ रेट घटकर 2.5% रह सकती है और महंगाई बढ़कर 5.4% तक पहुंच सकती है.
IMF ने दी बड़ी चेतावनी! 2027 तक जारी रहा युद्ध तो बिगड़ेंगे हालात, ग्लोबल इकोनॉमी पर मंडरा रहा खतरा
- Comments
- Facebook Comments
- Disqus Comments




