बैंक में नौकरी करने वालों के लिए बड़ी अपडेट है. मई से जुलाई 2026 के बीच कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, क्योंकि महंगाई भत्ता (DA) 25% से बढ़ाकर 25.70% कर दिया गया है. इससे हर महीने मिलने वाली सैलरी में थोड़ा इजाफा होगा. यह बढ़ोतरी महंगाई को ध्यान में रखकर तय की जाती है. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में होने वाले बदलाव के आधार पर समय-समय पर DA को अपडेट किया जाता है, ताकि कर्मचारियों की आय पर महंगाई का असर कम पड़े.
ये बढ़ोतरी भले ही सिर्फ 0.70% की लगती हो, लेकिन इसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ता है. DA हमेशा बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में तय होता है, इसलिए हर कर्मचारी की टेक-होम सैलरी में थोड़ा-थोड़ा इजाफा होता है और कुल आय में फर्क देखने को मिलता है. स्केल I के कर्मचारियों के उदाहरण से समझें तो ₹48,480 की बेसिक सैलरी पर करीब ₹435 महीने का फायदा होता है. वहीं ₹67,160 की सैलरी पर लगभग ₹601 और ₹80,560 पर करीब ₹719 की बढ़ोतरी मिलती है, जिससे साफ है कि सैलरी के साथ बढ़ोतरी भी बढ़ती जाती है.
इसी तरह ज्यादा सैलरी वाले कर्मचारियों को और ज्यादा फायदा मिलता है. ₹93,960 की बेसिक सैलरी पर करीब ₹838 और ₹1,08,260 पर लगभग ₹965 प्रति माह की बढ़ोतरी होती है, जिससे कुल मासिक आय में अच्छा इजाफा देखने को मिलता है. DA में बदलाव महंगाई को ध्यान में रखकर किया जाता है, ताकि बढ़ती कीमतों का असर कर्मचारियों पर कम पड़े. इसके लिए समय-समय पर CPI के आंकड़ों की समीक्षा की जाती है और उसी आधार पर DA बढ़ाया या घटाया जाता है, जिससे कर्मचारियों की असली कमाई यानी उनकी खरीदने की क्षमता ज्यादा कम न हो.
भले ही बढ़ोतरी छोटी-छोटी हो, लेकिन अगर कई तिमाहियों तक लगातार जुड़ती रहे तो सालभर में अच्छी-खासी बढ़त बन जाती है और कुल आय में फर्क दिखने लगता है. हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों का DA 58% से बढ़ाकर 60% किया है, यानी 2% की बढ़ोतरी. इसके मुकाबले बैंक कर्मचारियों की बढ़ोतरी थोड़ी कम है, क्योंकि दोनों के DA तय करने के तरीके, समय और स्टैंडर्ड अलग-अलग होते हैं.




